हरिकृष्ण देवसरे बालसाहित्य न्यास - गतिविधि प्रतिपादन | २०१७




हमारे बारे में

हरिकृष्ण देवसरे बालसाहित्य ट्रस्ट की स्थापना का मूल उद्देश्य बालसाहित्य की ऐसी लेखनी को प्रोत्साहन देना है जो बच्चों की वैज्ञानिक सोच और रुचि को बढ़ावा दे। साथ ही साथ हम उन लेखकों को सहयोग भी देना चाहते हैं जो इस शैली से जुड़े हुए हैं एवं इसके रूप को निखारने और संवारने में एक अहम भूमिका निभा रहे हैं।

 इस ट्रस्ट के माध्यम से हम डाॅ हरिकृष्ण देवसरे की सोच को एक कदम आगे ले जा रहे हैं। कई विख्यात सदस्य इस संकल्प में हमारे साथ जुड़े हुए हैंः

  • श्री बालस्वरूप राही
    श्री बालस्वरूप राही

    श्री बालस्वरूप राही दिल्ली विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग में सेवारत थे। वे साप्ताहिक हिन्दुस्तान में उपसंपादक के पद का कार्यभार भी संभाल चुके हैं। वे ‘प्रोब इंडिया‘ के प्रथम संपादक तथा परिकल्पनाकार बने साथ ही साथ भारतीय ज्ञानपीठ के सचिव भी। ज्ञानपीठ में रहते उन्होंने नई पीढ़ी प्रतियोगिता जैसी कई योजनाओं का प्रवर्तन किया। उन्होंने हिन्दी की सभी प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं के लिए अनेकानेक कविताएं, लेख एवं व्यंग्य रचनाएं लिखी हैं।

  • श्रीमती मधु पंत
    श्रीमती मधु पंत

    श्रीमती मधु पंत ने ‘हिन्दी के लघु उपन्यासों में बाल मनोविज्ञान‘ के विषय पर पी.एच.डी. किया। राष्ट्रीय बाल भवन के निर्देशक के रूप में उन्होंने बालश्री योजना तथा बालसाहित्य के लेखकों, प्रकाशकों एवं पाठकों के संवाद का आरंभ किया। अपने अमूल्य योगदान के लिए उन्हें कई प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हैं जिनमें Nippon Hosso Kyoto Award, नेहरू बाल समिति का बाल मित्र अवाॅर्ड, हिन्दी अकादमी अवाॅर्ड, भारतीय प्रकाशक महासंघ एवं भारतीय विज्ञान लेखक संघ के सम्मान और इंडियन सेक्शन आॅफ इंटरनेशनल बोर्ड आॅन बुक्स फाॅर यंग पीपल का लाईफटाइम अवाॅर्ड सम्मिलित हैं।

  • श्री विमलेश कांती वर्मा
    श्री विमलेश कांती वर्मा

    श्री विमलेश कांती वर्मा भारत की सर्वोच्च हिन्दी सलाहकार समिति के सदस्य हैं। वे दिल्ली विश्वविद्यालय में लगभग 50 वर्षों से स्नातक तथा स्नातकोत्तर स्तर पर हिन्दी साहित्य का अध्यापन कर रहे हैं। इसके पूर्व वे टोरंटो विश्वविद्यालय, कनाडा सोफिया विश्वविद्यालय तथा अन्य कई अंतर्राष्ट्रीय स्तरों पर हिन्दी साहित्य का अध्यापन कर चुके हैं। हिन्दी भाषा और साहित्य पर 25 पुस्तकें लिख चुके श्री विमलेश कांती वर्मा को राष्ट्रपति द्वारा प्रदत्त महापंडित राहुल सांकृत्यायन (2012) तथा उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रदत्त विदेश प्रसार सम्मान (2013) प्राप्त है।

  • देवेंद्र मेवाड़ी

    देवेंद्र मेवाड़ी हिंदी के उन गिने चुने लेखकों में हैं जिन्होंने हिंदी में विज्ञान कथाओं और लेखन की कमी को पूरा करने की भरसक कोशिश की है। वनस्पति विज्ञान में एम.एस.सी हिंदी में एम.ए और पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा। लोकप्रिय विज्ञान की दर्जन भर पुस्तकें तीन विज्ञान कथा संग्रह। विज्ञान लोकप्रियकरण के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार, आत्माराम पुरस्कार, भारतेंदु हरिश्चंद पुरस्कार, मेदिनी पुरस्कार आदि से सम्मानित।

  • क्षमा शर्मा
    क्षमा शर्मा

    क्षमा शर्मा बच्चों की वरिष्ठ एवम प्रसिद्ध लेखिका हैं।60 से अधिक पुस्तकें प्रकाशित । वर्ष 2011 -2016 सांस्कृतिक मंत्रालय में वरिष्ठ सलाहकार के रूप में कार्यरत रहीं भारतेंदु हरिश्चंद्र पुरस्कार से पुरस्कृत ,हिंदी अकादमी द्वारा तीन बार सम्मानित, बालकल्याण संस्थान कानपुर, इंडो रूसिक्लब नई दिल्ली और सोनिया ट्रस्ट नई दिल्ली से सम्मानित ।भारत के लगभग सभी प्रमुख हिंदी समाचार पत्रों में आपके निरंतर लेख एवम कॉलम प्रकाशित होते हैं।आप आकाशवाणी और दूरदर्शन की वरिष्ठ कलाकार भी हैं।

  • बृजेंद्र त्रिपाठी
    बृजेंद्र त्रिपाठी

    गोरखपुर विश्वविद्यालय से हिंदी में स्नातकोत्तर उपाधि। साहित्य अकादेमी, नई दिल्ली से २०१५ में उप सचिव पद से सेवानिवृत्त। संप्रति : साहित्य अकादेमी की द्वैमासिक हिंदी पत्रिका “समकालीन भारतीय साहित्य” के अतिथि संपादक के रूप में कार्य।पूर्व में मासिक पत्रिका साहित्य अमृत, भारतीय अनुवाद परिषद् पत्रिका “अनुवाद” सम्पादन। कविता-संग्रह, निबंध-संग्रह, बाल कृति, अनूदित एवं सम्पादित कृतियाँ प्रकाशित। विश्व हिंदी सहस्राब्दी सम्मान, डॉ यशवंत परमार पुरस्कार तथा अन्य पुरस्कारों से सम्मानित।

  • बालेंदु शर्मा (दाधीच)
    बालेंदु शर्मा “दाधीच”

    बालेन्दु दाधीच तकनीक के क्षेत्र में हिंदी की सशक्त आवाज हैं। वे विश्व की शीर्ष सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट में निदेशक, लोकलाइजेशन, के पद पर कार्यरत हैं। राष्ट्रपति महोदय के हाथों ‘आत्माराम सम्मान’ तथा अनेक राज्य सरकारों, हिंदी संस्थाओं और वैश्विक तकनीकी सस्थानों की ओर से एक दर्जन से अधिक पुरस्कारों से सम्मानित श्री दाधीच सही मायनों में एक बहुमुखी व्यक्तित्व हैं। वे लोकप्रिय स्तंभ लेखक, यशस्वी (पूर्व) संपादक तथा तकनीकी विषयों पर प्रखर वक्ता होने के साथ-साथ अनेक उपयोगी हिंदी सॉफ्टवेयरों और वेब सेवाओं के विकासकर्ता और भाषायी तकनीक में निष्णात प्रशिक्षक भी हैं।