• डाॅ हरिकृष्ण देवसरेः एक विचारधारा, एक लगन...

    ‘‘आज के बाल साहित्यकार से जो अपेक्षाएं हैं वे भविष्य की वे चुनौतियां हैं जिनका सामना बच्चे करेंगे और हमे उनके उत्तर प्रस्तुत कर, बच्चों को सक्षम और समर्थ बनाना है। यह काम बाल लेखकों के साथ-साथ उन लोगों का भी है जो बच्चों के सरोकारों से जुड़े हैं।‘‘ डाॅ हरिकृष्ण देवसरे

चतुर्थ: हरिकृष्ण देवसरे बालसाहित्य पुरस्कार प्रतियोगिता | २०१७

भारत में बालसाहित्य को प्रोत्साहित एवं सम्मानित करने के लिए एक क्रांतिकारी पहल। डाॅ हरिकृष्ण देवसरे की पुण्य स्मृति को सादर समर्पित।

प्रमुख श्रेणी पुरस्कार राशि : ७५,०००/-
 

प्रतियोगिता में भाग लें

एक झलक डाॅ हरिकृष्ण देवसरे की जीवन यात्रा की

एक महापुरुष जिन्होंने बच्चों के मन और हृदय में ज्ञान, बुद्धिमानी एवं नैतिकता को प्रेरित किया

डाॅ हरिकृष्ण देवसरे की अनमोल रचनाएं


स्वर्णिम शब्द

 

‘‘देवसरे, तुम बहुत भाग्यशाली हो। मेरे पाठक बूढ़े होकर मुझे भूल जाएंगे पर तुम्हारे पाठक कभी बूढे़ नहीं होंगे क्योंकि उनकी जगह नए पाठक आ जाएंगे।‘‘

प्रसिद्ध लेखक शरद जोशी की डाॅ हरिकृष्ण देवसरे के कृतित्व पर टिप्पणी।